लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बरुन कुबेर पवन जम काला। भुज बल जितेउँ सकल दिगपाला।।
मूल पाठ
बरुन कुबेर पवन जम काला। भुज बल जितेउँ सकल दिगपाला।।
देव दनुज नर सब बस मोरें। कवन हेतु उपजा भय तोरें।।
स्रोत अभिलेख 6.8 · पुस्तक पृ. 779, 779
भावार्थ
मूल पाठ के बादवरुण, कुबेर, पवन, यमराज आदि सभी दिक्पालोंको तथा कालको भी मैंने अपनी भुजाओंके बलसे जीत रखा है। देवता, दानव और मनुष्य सभी मेरे वशमें हैं। फिर तुझको यह भय किस कारण उत्पन्न हो गया?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 779 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 बरुन कुबेर पवन जम काला। भुज बल जितेउँ सकल दिगपाला।।
English explanation
Varuna, Kubera, the wind god, Yama, and Death—I have conquered all the guardians of the directions by the strength of my arms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरुन | वरुण, जल के देवता | Varuna, god of waters |
| कुबेर | कुबेर, धन के देवता | Kubera, god of wealth |
| पवन | वायु देवता | the wind god |
| जम | यम, मृत्यु के देवता | Yama, god of death |
| काला | काल, मृत्यु की शक्ति | Death, the power of time |
| भुज | भुजाओं के | of my arms |
| बल | बल से | by the strength |
| जितेउँ | मैंने जीत लिया | I conquered |
| सकल | सभी | all |
| दिगपाला | दिशाओं के रक्षक देवताओं को | the divine guardians of the directions |
2 देव दनुज नर सब बस मोरें। कवन हेतु उपजा भय तोरें।।
English explanation
Gods, demons, and humans are all under my control. Why has fear arisen in you?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देव | देवता | gods |
| दनुज | दानव | demons |
| नर | मनुष्य | humans |
| सब | सभी | all |
| बस | वश में | under control |
| मोरें | मेरे | my |
| कवन | किस | what |
| हेतु | कारण से | for reason |
| उपजा | उत्पन्न हुआ | has arisen |
| भय | डर | fear |
| तोरें | तुम्हारे भीतर | in you |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 779
- सहायक विषय
- रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 779, 779
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