लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई। सभाँ बहोरि बैठ सो जाई।।
मूल पाठ
नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई। सभाँ बहोरि बैठ सो जाई।।
मंदोदरीं हदयँ अस जाना। काल बस्य उपजा अभिमाना।।
स्रोत अभिलेख 6.8 · पुस्तक पृ. 779, 779
भावार्थ
मूल पाठ के बादमन्दोदरीने उसे बहुत तरहसे समझाकर कहा [किन्तु रावणने उसकी एक भी बात न सुनी] और वह फिर सभामें जाकर बैठ गया। मन्दोदरीने हृदयमें ऐसा जान लिया कि कालके वश होनेसे पतिको अभिमान हो गया है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 779 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नाना बिधि तेहि कहेसि बुझाई। सभाँ बहोरि बैठ सो जाई।।
English explanation
He spoke to Mandodari, trying to reassure her in various ways; then he went back and sat in the assembly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाना | अनेक | various |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| तेहि | उसे, मंदोदरी को | to her, Mandodari |
| कहेसि | उसने कहा | he said |
| बुझाई | समझाकर | explaining reassuringly |
| सभाँ | सभा में | in the assembly |
| बहोरि | फिर | again |
| बैठ | बैठ गया | sat down |
| सो | वह रावण | he, Ravana |
| जाई | जाकर | having gone |
2 मंदोदरीं हदयँ अस जाना। काल बस्य उपजा अभिमाना।।
English explanation
Mandodari understood in her heart that Ravana’s pride had arisen because he was under the sway of Death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदोदरीं | मंदोदरी ने | Mandodari, Ravana’s wife |
| हदयँ | हृदय में | in her heart |
| अस | ऐसा | thus |
| जाना | समझा | understood |
| काल | काल के | of Death |
| बस्य | वश में होने से | through being under the sway |
| उपजा | उत्पन्न हुआ | has arisen |
| अभिमाना | अभिमान | pride |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.8
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 779
- सहायक विषय
- रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 779, 779
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