लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुर पैठत रावन कर बेटा। खेलत रहा सो होइ गै भैंटा।।
मूल पाठ
पुर पैठत रावन कर बेटा। खेलत रहा सो होइ गै भैंटा।।
बातहिं बात करष बढ़ि आई। जुगल अतुल बल पुनि तरुनाई।।
स्रोत अभिलेख 6.18 · पुस्तक पृ. 788, 789
भावार्थ
मूल पाठ के बादलङ्कामें प्रवेश करते ही रावणके पुत्रसे भेंट हो गयी, जो वहाँ खेल रहा था। बातों-ही-बातोंमें दोनोंमें झगड़ा बढ़ गया। [क्योंकि] दोनों ही अतुलनीय बलवान् थे और फिर दोनोंकी युवावस्था थी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 788 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुर पैठत रावन कर बेटा। खेलत रहा सो होइ गै भैंटा।।
English explanation
As Angada entered the city, a son of Ravana was playing there, and they encountered each other.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुर | नगर में | into the city |
| पैठत | प्रवेश करते समय | while entering |
| रावन | रावण | Ravana, king of Lanka |
| कर | का | of |
| बेटा | पुत्र | son |
| खेलत | खेलता | playing |
| रहा | था | was |
| सो | वह पुत्र | that son |
| होइ | हो | came to |
| गै | गई | be; completed occurrence |
| भैंटा | भेंट | an encounter |
2 बातहिं बात करष बढ़ि आई। जुगल अतुल बल पुनि तरुनाई।।
English explanation
As they exchanged words, anger flared; both possessed matchless strength and were young besides.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बातहिं | बातों ही में | in the very exchange of words |
| बात | बात करते | while talking |
| करष | क्रोध या खींचातानी | anger or contention |
| बढ़ि | बढ़कर | having increased |
| आई | उभर आई | arose |
| जुगल | दोनों | both |
| अतुल | अतुलनीय | matchless |
| बल | बल वाले | in strength |
| पुनि | और ऊपर से | and besides |
| तरुनाई | जवानी | youth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 788
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 788, 789
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