लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि निज बानन्ह कीन्ह प्रहारा। स्यंदनु भंजि सारथी मारा।।
मूल पाठ
पुनि निज बानन्ह कीन्ह प्रहारा। स्यंदनु भंजि सारथी मारा।।
सत सत सर मारे दस भाला। गिरि सृंगन्ह जनु प्रबिसहिं ब्याला।।
स्रोत अभिलेख 6.83 · पुस्तक पृ. 854, 855
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर अपने बाणोंसे [उसपर] प्रहार किया और [उसके] रथको तोड़कर सारथिको मार डाला। [रावणके] दसों मस्तकोंमें सौ-सौ बाण मारे। वे सिरोंमें ऐसे पैठ गये मानो पहाड़के शिखरोंमें सर्प प्रवेश कर रहे हों॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 854 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पुनि निज बानन्ह कीन्ह प्रहारा। स्यंदनु भंजि सारथी मारा।।
English explanation
Then Lakshmana attacked with his own arrows, shattered Ravana's chariot, and killed the charioteer.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| निज | अपने | his own |
| बानन्ह | बाणों से | with arrows |
| कीन्ह | किया | made |
| प्रहारा | आक्रमण | an attack |
| स्यंदनु | रथ को | the chariot |
| भंजि | तोड़कर | having shattered |
| सारथी | रथ चलाने वाले को | the charioteer |
| मारा | मार डाला | killed |
2 सत सत सर मारे दस भाला। गिरि सृंगन्ह जनु प्रबिसहिं ब्याला।।
English explanation
Lakshmana shot a hundred arrows into each of Ravana's ten foreheads, as though snakes were entering mountain peaks.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सत | सौ | a hundred |
| सत | सौ; प्रत्येक में | each |
| सर | बाण | arrows |
| मारे | मारे; चलाए | shot |
| दस | दसों | all ten |
| भाला | ललाटों में | into the foreheads |
| गिरि | पर्वत की | of mountains |
| सृंगन्ह | चोटियों में | into the peaks |
| जनु | मानो | as though |
| प्रबिसहिं | प्रवेश करते हों | were entering |
| ब्याला | साँप | snakes |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 854
- सहायक विषय
- लक्ष्मण-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 854, 855
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।