लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
परिहरि बयरु देहु बैदेही। भजहु कृपानिधि परम सनेही।।
मूल पाठ
परिहरि बयरु देहु बैदेही। भजहु कृपानिधि परम सनेही।।
ताके बचन बान सम लागे। करिआ मुह करि जाहि अभागे।।
स्रोत अभिलेख 6.49 · पुस्तक पृ. 819, 820
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[अत:] वैर छोड़कर उन्हें जानकीजीको दे दो और कृपानिधान परम स्नेही श्रीरामजीका भजन करो। रावणको उसके वचन बाणके समान लगे। [वह बोला—] अरे अभागे! मुँह काला करके [यहाँसे] निकल जा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 819 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 परिहरि बयरु देहु बैदेही। भजहु कृपानिधि परम सनेही।।
English explanation
Abandon hostility and return Sita. Devote yourself to Rama, the treasury of compassion and utmost affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| परिहरि | छोड़कर | having abandoned |
| बयरु | वैर | hostility |
| देहु | दे दो; लौटा दो | give back; return |
| बैदेही | विदेह की पुत्री सीता को | Sita, daughter of the king of Videha |
| भजहु | भजन करो; शरण लो | worship; seek refuge in |
| कृपानिधि | कृपा के भंडार श्रीराम को | Rama, the treasury of compassion |
| परम | अत्यंत | supremely |
| सनेही | स्नेह करने वाले | affectionate; loving |
2 ताके बचन बान सम लागे। करिआ मुह करि जाहि अभागे।।
English explanation
Malyavan’s words struck Ravana like arrows. He said, “You wretch, blacken your face and leave!”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ताके | उसके, अर्थात् माल्यवान के | his—Malyavan’s |
| बचन | वचन | words |
| बान | बाण | arrows |
| सम | के समान | like |
| लागे | लगे; चुभे | struck; stung |
| करिआ | काला | black |
| मुह | मुँह | face |
| करि | करके | having made |
| जाहि | चला जा | go away |
| अभागे | हे अभागे | you wretch |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.49
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 819
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 819, 820
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