लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पति सिर देखत मंदोदरी। मुरुछित बिकल धरनि खसि परी।।
मूल पाठ
पति सिर देखत मंदोदरी। मुरुछित बिकल धरनि खसि परी।।
जुबति बृंद रोवत उठि धाईं। तेहि उठाइ रावन पहिं आई।।
स्रोत अभिलेख 6.104 · पुस्तक पृ. 881, 882
भावार्थ
मूल पाठ के बादपतिके सिर देखते ही मन्दोदरी व्याकुल और मूचर््िछत होकर धरतीपर गिर पड़ी। स्त्रियाँ रोती हुई उठ दौड़ीं और उस (मन्दोदरी) को उठाकर रावणके पास आयीं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 881 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पति सिर देखत मंदोदरी। मुरुछित बिकल धरनि खसि परी।।
English explanation
Seeing her husband's head, Mandodari fainted and fell distraught to the ground.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पति | पति रावण का | of her husband Ravana |
| सिर | सिर | head |
| देखत | देखते ही | on seeing |
| मंदोदरी | रावण की पत्नी मंदोदरी | Mandodari, Ravana's wife |
| मुरुछित | मूर्छित | unconscious |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| धरनि | धरती पर | to the ground |
| खसि | गिरकर | falling |
| परी | पड़ गई | fell down |
2 जुबति बृंद रोवत उठि धाईं। तेहि उठाइ रावन पहिं आई।।
English explanation
The young women rose and rushed over weeping; lifting Mandodari, they came to Ravana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जुबति | युवतियों का | of young women |
| बृंद | समूह | group |
| रोवत | रोते हुए | weeping |
| उठि | उठकर | having risen |
| धाईं | दौड़ीं | rushed over |
| तेहि | उसे, मंदोदरी को | her, Mandodari |
| उठाइ | उठाकर | lifting her |
| रावन | रावण के | Ravana |
| पहिं | पास | near |
| आई | आईं | came |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.104
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 881
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 881, 882
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