लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धायउ परम क्रुद्ध दसकंधर। सन्मुख चले हूह दै बंदर।।
मूल पाठ
धायउ परम क्रुद्ध दसकंधर। सन्मुख चले हूह दै बंदर।।
गहि कर पादप उपल पहारा। डारेन्हि ता पर एकहिं बारा।।
स्रोत अभिलेख 6.82 · पुस्तक पृ. 853, 853
भावार्थ
मूल पाठ के बादरावण अत्यन्त क्रोधित होकर दौड़ा। वानर हुंकार करते हुए [लडऩेके लिये] उसके सामने चले। उन्होंने हाथोंमें वृक्ष, पत्थर और पहाड़ लेकर रावणपर एक ही साथ डाले॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 853 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 धायउ परम क्रुद्ध दसकंधर। सन्मुख चले हूह दै बंदर।।
English explanation
Ravana rushed forward in extreme anger; the monkeys advanced to meet him, raising a battle cry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धायउ | दौड़ा | rushed forward |
| परम | अत्यंत | extremely |
| क्रुद्ध | क्रोधित | angry |
| दसकंधर | दस सिरों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| सन्मुख | सामने, सामना करने | forward to confront him |
| चले | बढ़ चले | advanced |
| हूह | हुंकार, युद्ध की पुकार | a battle cry |
| दै | देकर, भरकर | raising |
| बंदर | वानर | the monkeys |
2 गहि कर पादप उपल पहारा। डारेन्हि ता पर एकहिं बारा।।
English explanation
Seizing trees, stones, and mountains in their hands, the monkeys hurled them at Ravana all at once.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़कर | seizing |
| कर | हाथों में | in their hands |
| पादप | वृक्ष | trees |
| उपल | पत्थर | stones |
| पहारा | पहाड़ | mountains |
| डारेन्हि | उन्होंने फेंक दिए | they hurled |
| ता | उस रावण | that Ravana |
| पर | पर | at |
| एकहिं | एक ही | one single |
| बारा | बार में | occasion; at once |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 853
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 853, 853
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।