लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धरनि धसइ धर धाव प्रचंडा। तब सर हति प्रभु कृत दुइ खंडा।।
मूल पाठ
धरनि धसइ धर धाव प्रचंडा। तब सर हति प्रभु कृत दुइ खंडा।।
गर्जेउ मरत घोर रव भारी। कहाँ रामु रन हतौं पचारी।।
स्रोत अभिलेख 6.103 · पुस्तक पृ. 879, 880
भावार्थ
मूल पाठ के बादधड़ प्रचण्ड वेगसे दौड़ता है, जिससे धरती धँसने लगी। तब प्रभुने बाण मारकर उसके दो टुकड़े कर दिये। मरते समय रावण बड़े घोर शब्दसे गरजकर बोला—राम कहाँ हैं? मैं ललकारकर उनको युद्धमें मारूँ!॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 880 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 धरनि धसइ धर धाव प्रचंडा। तब सर हति प्रभु कृत दुइ खंडा।।
English explanation
As the trunk rushed fiercely, the earth sank beneath it. Then Lord Rama struck it with an arrow and split it into two pieces.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरनि | पृथ्वी | the earth |
| धसइ | धँसती है | sinks |
| धर | धड़ | the trunk |
| धाव | दौड़ता है | rushes |
| प्रचंडा | प्रचंड वेग से | with fierce force |
| तब | तब | then |
| सर | बाण से | with an arrow |
| हति | मारकर | having struck |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| कृत | कर दिए | made into |
| दुइ | दो | two |
| खंडा | टुकड़े | pieces |
2 गर्जेउ मरत घोर रव भारी। कहाँ रामु रन हतौं पचारी।।
English explanation
While dying, Ravana roared in a terrible, loud voice and challenged: ‘Where is Rama? Let me kill him in battle!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गर्जेउ | गरजा | roared |
| मरत | मरते समय | while dying |
| घोर | भयंकर | terrible |
| रव | स्वर में | in a voice |
| भारी | बहुत ऊँचे | very loud |
| कहाँ | कहाँ है | where is |
| रामु | राम | Rama |
| रन | युद्ध में | in battle |
| हतौं | मैं मारूँ | let me kill him |
| पचारी | ललकारकर | challenging |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 880
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 879, 880
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।