लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
डोली भूमि गिरत दसकंधर। छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावणके गिरते ही पृथ्वी हिल गयी। समुद्र, नदियाँ, दिशाओंके हाथी और पर्वत क्षुब्ध हो उठे। रावण धड़के दोनों टुकड़ोंको फैलाकर भालू और वानरोंके समुदायको दबाता हुआ पृथ्वीपर गिर पड़ा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 880 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
डोली भूमि गिरत दसकंधर। छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर।।
धरनि परेउ द्वौ खंड बढ़ाई। चापि भालु मर्कट समुदाई।।
स्रोत अभिलेख 6.103 · पुस्तक पृ. 879, 880
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 डोली भूमि गिरत दसकंधर। छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर।।
English explanation
As ten-headed Ravana fell, the earth shook; oceans, rivers, the elephants of the directions, and mountains were shaken.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| डोली | काँप उठी | shook |
| भूमि | पृथ्वी | the earth |
| गिरत | गिरते समय | as he fell |
| दसकंधर | दस सिरों वाला रावण | ten-headed Ravana |
| छुभित | विचलित हुए | were agitated |
| सिंधु | समुद्र | oceans |
| सरि | नदियाँ | rivers |
| दिग्गज | दिशाओं को सँभालने वाले पौराणिक हाथी | mythic elephants supporting the directions |
| भूधर | पर्वत | mountains |
2 धरनि परेउ द्वौ खंड बढ़ाई। चापि भालु मर्कट समुदाई।।
English explanation
Ravana’s body fell to the earth in two sprawling pieces, pinning groups of bears and monkeys beneath it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरनि | पृथ्वी पर | onto the earth |
| परेउ | गिर पड़ा | fell |
| द्वौ | दो | two |
| खंड | टुकड़े | pieces |
| बढ़ाई | विस्तार फैलाकर | spreading out in bulk |
| चापि | दबाकर | pinning beneath |
| भालु | भालुओं के | of bears |
| मर्कट | वानरों के | of monkeys |
| समुदाई | समूहों को | the groups |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 880
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 879, 880
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।