लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धन्य कीस जो निज प्रभु काजा। जहँ तहँ नाचइ परिहरि लाजा।।
मूल पाठ
धन्य कीस जो निज प्रभु काजा। जहँ तहँ नाचइ परिहरि लाजा।।
नाचि कूदि करि लोग रिझाई। पति हित करइ धर्म निपुनाई।।
स्रोत अभिलेख 6.24 · पुस्तक पृ. 794, 796
भावार्थ
मूल पाठ के बादबंदरको धन्य है, जो अपने मालिकके लिये लाज छोड़कर जहाँ-तहाँ नाचता है। नाच-कूदकर, लोगोंको रिझाकर, मालिकका हित करता है। यह उसके धर्मकी निपुणता है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 794 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 धन्य कीस जो निज प्रभु काजा। जहँ तहँ नाचइ परिहरि लाजा।।
English explanation
Blessed is the monkey who casts aside shame and dances wherever needed for his master's work.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धन्य | धन्य; प्रशंसा योग्य | blessed; worthy of praise |
| कीस | वानर | monkey |
| जो | जो | who |
| निज | अपने | his own |
| प्रभु | स्वामी | master |
| काजा | काम के लिए | for the work |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| तहँ | वहाँ | there |
| नाचइ | नाचता है | dances |
| परिहरि | छोड़कर | casting aside |
| लाजा | लज्जा | shame |
2 नाचि कूदि करि लोग रिझाई। पति हित करइ धर्म निपुनाई।।
English explanation
He pleases people by dancing and leaping, and skillfully performs his duty for his master's benefit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाचि | नाचकर | dancing |
| कूदि | कूदकर | leaping |
| करि | करके | doing so |
| लोग | लोगों को | people |
| रिझाई | रिझाकर; प्रसन्न करके | pleasing |
| पति | स्वामी का | the master's |
| हित | हित | benefit |
| करइ | करता है | performs |
| धर्म | कर्तव्य | duty |
| निपुनाई | कुशलता से | skillfully |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 794
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 794, 796
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