लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा। उपजा उर अति छोभ बिसेषा।।
मूल पाठ
देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा। उपजा उर अति छोभ बिसेषा।।
सुरपति निज रथ तुरत पठावा। हरष सहित मातलि लै आवा।।
स्रोत अभिलेख 6.89 · पुस्तक पृ. 861, 862
भावार्थ
मूल पाठ के बाददेवताओंने प्रभुको पैदल (बिना सवारीके युद्ध करते) देखा, तो उनके हृदयमें बड़ा भारी क्षोभ (दु:ख) उत्पन्न हुआ। [फिर क्या था] इन्द्रने तुरंत अपना रथ भेज दिया। [उसका सारथि] मातलि हर्षके साथ उसे ले आया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 861 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा। उपजा उर अति छोभ बिसेषा।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: Seeing Lord Rama on foot, the gods felt profound distress in their hearts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देवन्ह | देवताओं ने | the gods |
| प्रभुहि | प्रभु राम को | Lord Rama |
| पयादें | पैदल, बिना रथ के | on foot, without a chariot |
| देखा | देखा | saw |
| उपजा | उत्पन्न हुआ | arose |
| उर | हृदय में | in their hearts |
| अति | बहुत | very |
| छोभ | क्षोभ, व्याकुलता | distress, agitation |
| बिसेषा | विशेष रूप से गहरा | especially intense |
2 सुरपति निज रथ तुरत पठावा। हरष सहित मातलि लै आवा।।
English explanation
Indra, king of the gods, immediately sent his own chariot; Matali brought it joyfully.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुरपति | देवताओं के राजा इंद्र ने | Indra, king of the gods |
| निज | अपना | his own |
| रथ | रथ | chariot |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| पठावा | भेजा | sent |
| हरष | हर्ष | joy |
| सहित | के साथ | with |
| मातलि | इंद्र का सारथी मातलि | Matali, Indra’s charioteer |
| लै | लेकर | bringing it |
| आवा | आया | came |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.89
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 861
- सहायक विषय
- इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 861, 862
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