लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दुहुँ दिसि पर्बत करहिं प्रहारा। बज्रपात जनु बारहिं बारा।।
मूल पाठ
दुहुँ दिसि पर्बत करहिं प्रहारा। बज्रपात जनु बारहिं बारा।।
रघुपति कोपि बान झरि लाई। घायल भै निसिचर समुदाई।।
स्रोत अभिलेख 6.87 · पुस्तक पृ. 859, 859
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों ओरसे योद्धा पर्वतोंका प्रहार करते हैं। मानो बारंबार वज्रपात हो रहा हो। श्रीरघुनाथजीने क्रोध करके बाणोंकी झड़ी लगा दी, [जिससे] राक्षसोंकी सेना घायल हो गयी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 859 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दुहुँ दिसि पर्बत करहिं प्रहारा। बज्रपात जनु बारहिं बारा।।
English explanation
Both sides strike with mountains, as though thunderbolts were falling again and again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुहुँ | दोनों | both |
| दिसि | ओर से | from the sides |
| पर्बत | पर्वतों से | with mountains |
| करहिं | करते हैं | make; deliver |
| प्रहारा | प्रहार | blows; strikes |
| बज्रपात | वज्र गिरना | thunderbolt strikes |
| जनु | मानो | as though |
| बारहिं | बार-बार | again and again |
| बारा | बार; दफ़ा | times |
2 रघुपति कोपि बान झरि लाई। घायल भै निसिचर समुदाई।।
English explanation
Rama, lord of Raghu's lineage, angrily unleashed a shower of arrows; the demon ranks were wounded.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu's lineage |
| कोपि | क्रोधित होकर | in anger |
| बान | बाणों की | of arrows |
| झरि | झड़ी | a shower; barrage |
| लाई | लगा दी | unleashed |
| घायल | घायल | wounded |
| भै | हो गए | became |
| निसिचर | राक्षसों के | of demons |
| समुदाई | समूह; सेना | ranks; host |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 859
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 859, 859
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