लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दीन बंधु दयाल रघुराया। देव कीन्हि देवन्ह पर दाया।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे दीनबन्धु! हे दयालु रघुराज! हे परमदेव! आपने देवताओंपर बड़ी दया की। विश्वके द्रोहमें तत्पर यह दुष्ट, कामी और कुमार्गपर चलनेवाला रावण अपने ही पापसे नष्ट हो गया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 888 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
दीन बंधु दयाल रघुराया। देव कीन्हि देवन्ह पर दाया।।
बिस्व द्रोह रत यह खल कामी। निज अघ गयउ कुमारगगामी।।
स्रोत अभिलेख 6.11 · पुस्तक पृ. 888, 889
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दीन बंधु दयाल रघुराया। देव कीन्हि देवन्ह पर दाया।।
English explanation
O compassionate Rama, friend of the helpless! Lord, you have shown mercy to the gods.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दीन | दीनों के | of the helpless |
| बंधु | बंधु, सहायक | friend and helper |
| दयाल | दयालु | compassionate |
| रघुराया | हे रघुवंश के राजा राम | O Rama, king of the Raghu lineage |
| देव | हे प्रभु | O Lord |
| कीन्हि | की | have shown |
| देवन्ह | देवताओं | the gods |
| पर | पर | to; upon |
| दाया | दया | mercy |
2 बिस्व द्रोह रत यह खल कामी। निज अघ गयउ कुमारगगामी।।
English explanation
This wicked, lustful Ravana, devoted to harming the world and following an evil path, perished through his own sins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिस्व | संसार के प्रति | toward the world |
| द्रोह | द्रोह, अहित | hostility; harm |
| रत | लगा हुआ | engaged in |
| यह | यह रावण | this Ravana |
| खल | दुष्ट | wicked |
| कामी | कामासक्त | lustful |
| निज | अपने ही | his own |
| अघ | पापों के कारण | because of sins |
| गयउ | नष्ट हुआ | perished |
| कुमारगगामी | कुमार्ग पर चलने वाला | one who follows an evil path |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 888
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 888, 889
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।