लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दिगपालन्ह मैं नीर भरावा। भूप सुजस खल मोहि सुनावा।।
मूल पाठ
दिगपालन्ह मैं नीर भरावा। भूप सुजस खल मोहि सुनावा।।
जौं पै समर सुभट तव नाथा। पुनि पुनि कहसि जासु गुन गाथा।।
स्रोत अभिलेख 6.28 · पुस्तक पृ. 798, 799
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे दुष्ट! मैंने दिक्पालोंतकसे जल भरवाया और तू एक राजाका मुझे सुयश सुनाता है! यदि तेरा मालिक, जिसकी गुणगाथा तू बार-बार कह रहा है, संग्राममें लडऩेवाला योद्धा है—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 799 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दिगपालन्ह मैं नीर भरावा। भूप सुजस खल मोहि सुनावा।।
English explanation
I made the guardians of the directions fetch water; villain, you recount a king’s glorious fame to me!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दिगपालन्ह | दिशाओं के रक्षकों से | from the guardians of the directions |
| मैं | मैंने | I |
| नीर | पानी | water |
| भरावा | भरवाया | made them fetch |
| भूप | राजा की | a king’s |
| सुजस | सुकीर्ति | glorious fame |
| खल | हे दुष्ट | O villain |
| मोहि | मुझे | to me |
| सुनावा | सुनाता है | you recount |
2 जौं पै समर सुभट तव नाथा। पुनि पुनि कहसि जासु गुन गाथा।।
English explanation
If your lord truly is a mighty warrior in battle, whose virtues you recount again and again—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| पै | सचमुच | indeed |
| समर | युद्ध में | in battle |
| सुभट | बड़ा योद्धा | a mighty warrior |
| तव | तुम्हारा | your |
| नाथा | स्वामी | lord |
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | again |
| कहसि | तुम कहते हो | you recount |
| जासु | जिसके | whose |
| गुन | गुणों की | of virtues |
| गाथा | गाथा | account |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 799
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 798, 799
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