लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दसमुख देखि सभा भय पाई। बिहसि बचन कह जुगुति बनाई।।
मूल पाठ
दसमुख देखि सभा भय पाई। बिहसि बचन कह जुगुति बनाई।।
सिरउ गिरे संतत सुभ जाही। मुकुट परे कस असगुन ताही।।
स्रोत अभिलेख 6.14 · पुस्तक पृ. 785, 785
भावार्थ
मूल पाठ के बादसभाको भयभीत देखकर रावणने हँसकर युक्ति रचकर ये वचन कहे—सिरोंका गिरना भी जिसके लिये निरन्तर शुभ होता रहा है, उसके लिये मुकुटका गिरना अपशकुन कैसा?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 785 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दसमुख देखि सभा भय पाई। बिहसि बचन कह जुगुति बनाई।।
English explanation
Seeing the assembly frightened, Ravana laughed and spoke, devising an explanation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसमुख | दस मुखों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| देखि | देखकर | seeing |
| सभा | सभा; सभासदों को | the assembly |
| भय | डर | fear |
| पाई | प्राप्त किए हुए; भयभीत | having become frightened |
| बिहसि | हँसकर | laughing |
| बचन | बात; वचन | words |
| कह | कहता है | says |
| जुगुति | युक्ति; तर्क | an explanation; argument |
| बनाई | बनाकर | having devised |
2 सिरउ गिरे संतत सुभ जाही। मुकुट परे कस असगुन ताही।।
English explanation
For one to whom even the falling of heads is always auspicious, how could falling crowns be an ill omen?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिरउ | सिर भी; सिर तक | even heads |
| गिरे | गिरने पर | upon falling |
| संतत | सदा | always |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| जाही | जिसके लिए | for whom |
| मुकुट | मुकुट | crowns |
| परे | गिरने पर | upon falling |
| कस | कैसे | how |
| असगुन | अपशकुन | an ill omen |
| ताही | उसके लिए | for that person |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.14
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 785
- सहायक विषय
- मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 785, 785
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