लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि अवसर दसरथ तहँ आए। तनय बिलोकि नयन जल छाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसी समय दशरथजी वहाँ आये। पुत्र (श्रीरामजी) को देखकर उनके नेत्रोंमें [प्रेमाश्रुओंका] जल छा गया। छोटे भाई लक्ष्मणजीसहित प्रभुने उनकी वन्दना की और तब पिताने उनको आशीर्वाद दिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 891 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि अवसर दसरथ तहँ आए। तनय बिलोकि नयन जल छाए।।
अनुज सहित प्रभु बंदन कीन्हा। आसिरबाद पिताँ तब दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 6.112 · पुस्तक पृ. 891, 892
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तेहि अवसर दसरथ तहँ आए। तनय बिलोकि नयन जल छाए।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: At that moment Dasharatha arrived there. Seeing his son, his eyes filled with tears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस | that |
| अवसर | समय | moment |
| दसरथ | दशरथ, राम के पिता | Dasharatha, Rama’s father |
| तहँ | वहाँ | there |
| आए | आए | arrived |
| तनय | पुत्र राम को | his son Rama |
| बिलोकि | देखकर | on seeing |
| नयन | नेत्रों में | in his eyes |
| जल | आँसू | tears |
| छाए | भर आए | welled up |
2 अनुज सहित प्रभु बंदन कीन्हा। आसिरबाद पिताँ तब दीन्हा।।
English explanation
Lord Rama, together with his younger brother Lakshmana, paid his respects. Their father then gave his blessing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | together with |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
| बंदन | प्रणाम | obeisance |
| कीन्हा | किया | offered |
| आसिरबाद | आशीर्वाद | a blessing |
| पिताँ | पिता ने | their father |
| तब | तब | then |
| दीन्हा | दिया | gave |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.112
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 891
- सहायक विषय
- देवताओंकी स्तुति, इन्द्रकी अमृत-वर्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 891, 892
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।