लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तुरत निसाचर एक पठावा। समाचार रावनहि जनावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुरंत ही उन्होंने एक राक्षसको भेजा और रावणको अपने आनेका समाचार सूचित किया। सुनते ही रावण हँसकर बोला—बुला लाओ, [देखें] कहाँका बंदर है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 789 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तुरत निसाचर एक पठावा। समाचार रावनहि जनावा।।
सुनत बिहँसि बोला दससीसा। आनहु बोलि कहाँ कर कीसा।।
स्रोत अभिलेख 6.19 · पुस्तक पृ. 789, 790
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तुरत निसाचर एक पठावा। समाचार रावनहि जनावा।।
English explanation
AI-draft translation: A demon was immediately sent; he conveyed the news to Ravana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुरत | तुरंत | immediately |
| निसाचर | राक्षस | demon |
| एक | एक | one |
| पठावा | भेजा | sent |
| समाचार | समाचार | news |
| रावनहि | रावण को | to Ravana |
| जनावा | बताया | made known |
2 सुनत बिहँसि बोला दससीसा। आनहु बोलि कहाँ कर कीसा।।
English explanation
On hearing this, ten-headed Ravana laughed and said, “Summon him and bring him here; where is this monkey from?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| बिहँसि | हँसकर | having laughed |
| बोला | बोला | said |
| दससीसा | दस सिरों वाला रावण | ten-headed Ravana |
| आनहु | ले आओ | bring him |
| बोलि | बुलाकर | having summoned |
| कहाँ | कहाँ | where |
| कर | का | of; from |
| कीसा | वानर | monkey |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 789
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 789, 790
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।