लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब कि चलिहि अस गाल तुम्हारा। अस बिचारि भजु राम उदारा।।
मूल पाठ
तब कि चलिहि अस गाल तुम्हारा। अस बिचारि भजु राम उदारा।।
सुनत बचन रावन परजरा। जरत महानल जनु घृत परा।।
स्रोत अभिलेख 6.27 · पुस्तक पृ. 797, 798
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब क्या तेरा ऐसा गाल चलेगा? ऐसा विचारकर उदार (कृपालु) श्रीरामजीको भज। अंगदके ये वचन सुनकर रावण बहुत अधिक जल उठा। मानो जलती हुई प्रचण्ड अग्रिमें घी पड़ गया हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 798 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब कि चलिहि अस गाल तुम्हारा। अस बिचारि भजु राम उदारा।।
English explanation
Will such boasting of yours continue then? Reflect on this and worship generous Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| कि | क्या | will …? |
| चलिहि | चलेगी | will continue |
| अस | ऐसी | such |
| गाल | डींग; शेखी | boasting |
| तुम्हारा | तुम्हारी | your |
| अस | ऐसा; यह | this |
| बिचारि | विचारकर | having reflected |
| भजु | भजो | worship |
| राम | भगवान राम | Rama |
| उदारा | उदार | generous |
2 सुनत बचन रावन परजरा। जरत महानल जनु घृत परा।।
English explanation
Hearing these words, Ravana blazed with anger, as though ghee had fallen into a raging fire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| बचन | वचन | the words |
| रावन | लंका का राजा रावण | Ravana, king of Lanka |
| परजरा | भड़क उठा | flared up |
| जरत | जलती हुई | burning |
| महानल | प्रचंड आग | a great fire |
| जनु | मानो | as though |
| घृत | घी | ghee |
| परा | पड़ गया | had fallen |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 798
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 797, 798
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