लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ठाढ़ रहा अति कंपित गाता। गयउ बिभीषनु जहँ जनत्राता।।
मूल पाठ
ठाढ़ रहा अति कंपित गाता। गयउ बिभीषनु जहँ जनत्राता।।
पुनि रावन कपि हतेउ पचारी। चलेउ गगन कपि पूँछ पसारी।।
स्रोत अभिलेख 6.95 · पुस्तक पृ. 868, 869
भावार्थ
मूल पाठ के बादरावण खड़ा रहा, पर उसका शरीर अत्यन्त काँपने लगा। विभीषण वहाँ गये जहाँ सेवकोंके रक्षक श्रीरामजी थे। फिर रावणने ललकारकर हनुमान्जीको मारा। वे पूँछ फैलाकर आकाशमें चले गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 869 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 ठाढ़ रहा अति कंपित गाता। गयउ बिभीषनु जहँ जनत्राता।।
English explanation
Ravana remained standing, his body trembling greatly. Vibhishana went to where Rama, the protector of his devotees, was.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ठाढ़ | खड़ा | standing |
| रहा | रहा | remained |
| अति | बहुत | greatly |
| कंपित | काँपता हुआ | trembling |
| गाता | शरीर | body |
| गयउ | गए | went |
| बिभीषनु | विभीषण | Vibhishana, Ravana’s brother |
| जहँ | जहाँ | where |
| जनत्राता | भक्तों के रक्षक श्रीराम | Rama, protector of his devotees |
2 पुनि रावन कपि हतेउ पचारी। चलेउ गगन कपि पूँछ पसारी।।
English explanation
Then Ravana challenged Hanuman and struck him. Hanuman rose into the sky, stretching out his tail.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| रावन | रावण ने | Ravana, the demon king |
| कपि | वानर हनुमान को | Hanuman, the monkey warrior |
| हतेउ | मारा | struck |
| पचारी | ललकारकर | after challenging |
| चलेउ | चले गए | rose or went |
| गगन | आकाश में | into the sky |
| कपि | वानर हनुमान | Hanuman, the monkey warrior |
| पूँछ | पूँछ | tail |
| पसारी | फैलाकर | stretching out |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.95
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 869
- सहायक विषय
- रावण-हनुमान्-युद्ध, रावणका माया रचना, रामजीद्वारा माया-नाश
- मुद्रित पृष्ठ
- 868, 869
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।