लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौ अस करौं तदपि न बड़ाई। मुएहि बधें नहिं कछु मनुसाई।।
मूल पाठ
जौ अस करौं तदपि न बड़ाई। मुएहि बधें नहिं कछु मनुसाई।।
कौल कामबस कृपिन बिमूढ़ा। अति दरिद्र अजसी अति बूढ़ा।।
स्रोत अभिलेख 6.31 · पुस्तक पृ. 801, 801
भावार्थ
मूल पाठ के बादयदि ऐसा करूँ, तो भी इसमें कोई बड़ाई नहीं है। मरे हुएको मारनेमें कुछ भी पुरुषत्व (बहादुरी) नहीं है। वाममार्गी, कामी, कंजूस, अत्यन्त मूढ़, अति दरिद्र, बदनाम, बहुत बूढ़ा,॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 801 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जौ अस करौं तदपि न बड़ाई। मुएहि बधें नहिं कछु मनुसाई।।
English explanation
Even if I did so, there would be no glory in it; killing one already dead shows no valor.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| अस | ऐसा | so |
| करौं | मैं करूँ | I do |
| तदपि | तब भी | even then |
| न | नहीं | no |
| बड़ाई | बड़प्पन या यश | greatness or glory |
| मुएहि | मरे हुए को ही | one already dead |
| बधें | मारने से | by killing |
| नहिं | नहीं | not |
| कछु | कुछ भी | any |
| मनुसाई | वीरता | valor |
2 कौल कामबस कृपिन बिमूढ़ा। अति दरिद्र अजसी अति बूढ़ा।।
English explanation
A follower of the Kaula path, one ruled by lust, a miser, a thoroughly foolish person, one extremely poor, one ill-reputed, and one very old—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कौल | कौल तांत्रिक मार्ग का अनुयायी | follower of the Kaula tantric path |
| कामबस | कामवासना के वश में | ruled by lust |
| कृपिन | कृपण; कंजूस | miserly |
| बिमूढ़ा | अत्यंत मूर्ख | thoroughly foolish |
| अति | अत्यंत | extremely |
| दरिद्र | दरिद्र | poor |
| अजसी | अपयश वाला | ill-reputed |
| अति | अत्यंत | very |
| बूढ़ा | वृद्ध | old |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 801
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 801, 801
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।