लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जोगिनि भरि भरि खप्पर संचहिं। भूत पिसाच बधू नभ नंचहिं।।
मूल पाठ
जोगिनि भरि भरि खप्पर संचहिं। भूत पिसाच बधू नभ नंचहिं।।
भट कपाल करताल बजावहिं। चामुंडा नाना बिधि गावहिं।।
स्रोत अभिलेख 6.88 · पुस्तक पृ. 860, 861
भावार्थ
मूल पाठ के बादयोगिनियाँ खप्परोंमें भर-भरकर खून जमा कर रही हैं। भूत-पिशाचोंकी स्त्रियाँ आकाशमें नाच रही हैं। चामुण्डाएँ योद्धाओंकी खोपडिय़ोंका करताल बजा रही हैं और नाना प्रकारसे गा रही हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 861 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जोगिनि भरि भरि खप्पर संचहिं। भूत पिसाच बधू नभ नंचहिं।।
English explanation
Yoginis collect blood, filling skull-bowls repeatedly; the female companions of ghosts and flesh-eating spirits dance in the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोगिनि | योगिनियाँ, देवी-संबद्ध स्त्री शक्तियाँ | yoginis, female supernatural beings |
| भरि | भरकर | filling |
| भरि | बार-बार भरकर | filling again and again |
| खप्पर | खोपड़ी के पात्र | skull-bowls |
| संचहिं | संग्रह करती हैं | collect |
| भूत | भूतों की | of ghosts |
| पिसाच | पिशाचों की | of flesh-eating spirits |
| बधू | पत्नियाँ; स्त्री साथिनें | wives; female companions |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| नंचहिं | नाचती हैं | dance |
2 भट कपाल करताल बजावहिं। चामुंडा नाना बिधि गावहिं।।
English explanation
Warriors’ skulls are struck like clappers, and Chamunda goddesses sing in various ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भट | योद्धाओं के | of warriors |
| कपाल | कपाल; खोपड़ियाँ | skulls |
| करताल | करताल की तरह | as clappers |
| बजावहिं | बजाती हैं | play; strike |
| चामुंडा | चामुंडाएँ, देवी के उग्र रूप | Chamundas, fierce forms of the Goddess |
| नाना | अनेक | various |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| गावहिं | गाती हैं | sing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.88
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 861
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 860, 861
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।