लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जिन्ह कर नासा कान निपाता। तिन्ह रावनहि कही सब बाता।।
मूल पाठ
जिन्ह कर नासा कान निपाता। तिन्ह रावनहि कही सब बाता।।
सुनत श्रवन बारिधि बंधाना। दस मुख बोलि उठा अकुलाना।।
स्रोत अभिलेख 6.5 · पुस्तक पृ. 776, 777
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिन राक्षसोंके नाक और कान काट डाले गये, उन्होंने रावणसे सब समाचार कहा। समुद्र [पर सेतु] का बाँधा जाना कानोंसे सुनते ही रावण घबड़ाकर दसों मुखोंसे बोल उठा—॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 777 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जिन्ह कर नासा कान निपाता। तिन्ह रावनहि कही सब बाता।।
English explanation
Those whose noses and ears had been cut off told Ravana everything.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिनके | those whose |
| कर | के | of; whose |
| नासा | नाक | noses |
| कान | कान | ears |
| निपाता | काट दिए गए; नष्ट किए गए | were cut off; destroyed |
| तिन्ह | उन्होंने | they; those people |
| रावनहि | रावण को | to Ravana, king of Lanka |
| कही | बताई | told |
| सब | सारी | all |
| बाता | बात; घटना का वृत्तांत | the account; what happened |
2 सुनत श्रवन बारिधि बंधाना। दस मुख बोलि उठा अकुलाना।।
English explanation
On hearing that the ocean had been bridged, ten-headed Ravana exclaimed in agitation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| श्रवन | कानों से | with his ears |
| बारिधि | समुद्र | ocean |
| बंधाना | बाँधा जाना; उस पर सेतु बनना | being bridged |
| दस | दस | ten |
| मुख | मुख; मुँह | faces; heads |
| बोलि | बोल | speaking; exclaiming |
| उठा | उठा; अचानक करने लगा | burst out; began suddenly |
| अकुलाना | व्याकुल होकर | in agitation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 777
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका सेनासहित समुद्र पार उतरना, सुबेल पर्वतपर निवास, रावणकी व्याकुलता
- मुद्रित पृष्ठ
- 776, 777
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