लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाहिं कहाँ ब्याकुल भए बंदर। सुरपति बंदि परे जनु मंदर।।
मूल पाठ
जाहिं कहाँ ब्याकुल भए बंदर। सुरपति बंदि परे जनु मंदर।।
मारुतसुत अंगद नल नीला। कीन्हेसि बिकल सकल बलसीला।।
स्रोत अभिलेख 6.73 · पुस्तक पृ. 842, 843
भावार्थ
मूल पाठ के बादअब कहाँ जायँ, यह सोचकर (रास्ता न पाकर) वानर व्याकुल हो गये। मानो पर्वत इन्द्रकी कैदमें पड़े हों। मेघनादने मारुति हनुमान्, अंगद, नल और नील आदि सभी बलवानोंको व्याकुल कर दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 842 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जाहिं कहाँ ब्याकुल भए बंदर। सुरपति बंदि परे जनु मंदर।।
English explanation
The monkeys grew distraught—where could they go? They were like Indra, king of the gods, held captive in a mansion.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाहिं | जाएँ | might they go |
| कहाँ | कहाँ | where |
| ब्याकुल | व्याकुल | distraught |
| भए | हो गए | became |
| बंदर | वानर | the monkeys |
| सुरपति | देवताओं के राजा इंद्र | Indra, king of the gods |
| बंदि | बंदी | captive |
| परे | पड़े हुए | held |
| जनु | मानो | as though |
| मंदर | भवन में | in a mansion |
2 मारुतसुत अंगद नल नीला। कीन्हेसि बिकल सकल बलसीला।।
English explanation
He distressed Hanuman, son of the wind-god, Angada, Nala, Nila, and all the mighty warriors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारुतसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind-god |
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद | Angada, Bali’s son |
| नल | वानर योद्धा नल | Nala, a monkey warrior |
| नीला | वानर योद्धा नील | Nila, a monkey warrior |
| कीन्हेसि | उसने कर दिया | he made |
| बिकल | व्याकुल; बेहाल | distressed |
| सकल | सभी | all |
| बलसीला | बलवान योद्धाओं को | the mighty warriors |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.73
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 842
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 842, 843
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।