लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जथा पंख बिनु खग अति दीना। मनि बिनु फनि करिबर कर हीना।।
मूल पाठ
जथा पंख बिनु खग अति दीना। मनि बिनु फनि करिबर कर हीना।।
अस मम जिवन बंधु बिनु तोही। जौं जड़ दैव जिआवै मोही।।
स्रोत अभिलेख 6.61 · पुस्तक पृ. 829, 831
भावार्थ
मूल पाठ के बादजैसे पंख बिना पक्षी, मणि बिना सर्प और सूँड़ बिना श्रेष्ठ हाथी अत्यन्त दीन हो जाते हैं, हे भाई! यदि कहीं जड़ दैव मुझे जीवित रखे तो तुम्हारे बिना मेरा जीवन भी ऐसा ही होगा॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 830 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जथा पंख बिनु खग अति दीना। मनि बिनु फनि करिबर कर हीना।।
English explanation
As a bird without wings is utterly helpless, so is a serpent without its jewel or a great elephant without its trunk.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जथा | जैसे | just as |
| पंख | पंख | wings |
| बिनु | बिना | without |
| खग | पक्षी | a bird |
| अति | अत्यंत | utterly |
| दीना | असहाय | helpless |
| मनि | मणि | jewel |
| बिनु | बिना | without |
| फनि | सर्प | a serpent |
| करिबर | श्रेष्ठ हाथी | a great elephant |
| कर | सूँड़ | trunk |
| हीना | से रहित | deprived of |
2 अस मम जिवन बंधु बिनु तोही। जौं जड़ दैव जिआवै मोही।।
English explanation
Brother, such would be my life without you, if unfeeling fate keeps me alive.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | such |
| मम | मेरा | my |
| जिवन | जीवन | life |
| बंधु | हे भाई | O brother |
| बिनु | बिना | without |
| तोही | तुम्हारे | you |
| जौं | यदि | if |
| जड़ | संवेदनहीन | unfeeling |
| दैव | दैव | fate |
| जिआवै | जीवित रखे | keeps alive |
| मोही | मुझे | me |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 830
- सहायक विषय
- श्रीरामजीकी प्रलापलीला, हनुमान्जीका लौटना, लक्ष्मणजीका उठ बैठना
- मुद्रित पृष्ठ
- 829, 831
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