लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जथाजोग सेनापति कीन्हे। जूथप सकल बोलि तब लीन्हे।।
मूल पाठ
जथाजोग सेनापति कीन्हे। जूथप सकल बोलि तब लीन्हे।।
प्रभु प्रताप कहि सब समुझाए। सुनि कपि सिंघनाद करि धाए।।
स्रोत अभिलेख 6.39 · पुस्तक पृ. 810, 811
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर उनके लिये यथायोग्य (जैसे चाहिये वैसे) सेनापति नियुक्त किये। फिर सब यूथपतियोंको बुला लिया और प्रभुका प्रताप कहकर सबको समझाया, जिसे सुनकर वानर सिंहके समान गर्जना करके दौड़े॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 810 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जथाजोग सेनापति कीन्हे। जूथप सकल बोलि तब लीन्हे।।
English explanation
They appointed commanders according to their fitness and then summoned all the troop leaders.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जथाजोग | योग्यता के अनुसार | according to suitability |
| सेनापति | सेना के प्रमुख | army commanders |
| कीन्हे | नियुक्त किए | appointed |
| जूथप | दल-नायकों को | troop leaders |
| सकल | सभी | all |
| बोलि | बुलाकर | having called |
| तब | तब | then |
| लीन्हे | ले लिया; एकत्र किया | gathered |
2 प्रभु प्रताप कहि सब समुझाए। सुनि कपि सिंघनाद करि धाए।।
English explanation
They instructed everyone by speaking of Lord Rama’s might. Hearing this, the monkeys charged with lion-like roars.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| प्रताप | प्रताप; प्रभावशाली शक्ति | majestic might |
| कहि | कहकर | having spoken of |
| सब | सबको | everyone |
| समुझाए | समझाया | instructed |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| कपि | वानर | the monkeys |
| सिंघनाद | सिंह-जैसी गर्जना | lion-like roars |
| करि | करके | making |
| धाए | दौड़ पड़े | charged forward |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 810
- सहायक विषय
- अंगद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 810, 811
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।