लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छत्र मेघडंबर सिर धारी। सोइ जनु जलद घटा अति कारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावणने सिरपर मेघडंबर (बादलोंके डंबर-जैसा विशाल और काला) छत्र धारण कर रखा है। वही मानो बादलोंकी अत्यन्त काली घटा है। मन्दोदरीके कानोंमें जो कर्णफूल हिल रहे हैं, हे प्रभो! वही मानो बिजली चमक रही है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 784 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छत्र मेघडंबर सिर धारी। सोइ जनु जलद घटा अति कारी।।
मंदोदरी श्रवन ताटंका। सोइ प्रभु जनु दामिनी दमंका।।
स्रोत अभिलेख 6.13 · पुस्तक पृ. 784, 784
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 छत्र मेघडंबर सिर धारी। सोइ जनु जलद घटा अति कारी।।
English explanation
A grand, cloud-like parasol is held above his head; it looks like a very dark bank of clouds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छत्र | राजछत्र | royal parasol |
| मेघडंबर | मेघ-जैसा विशाल और आडंबरपूर्ण | grand and cloud-like |
| सिर | सिर पर | above the head |
| धारी | धारण किया हुआ | held |
| सोइ | वही छत्र | that very parasol |
| जनु | मानो | as though |
| जलद | बादलों की | of clouds |
| घटा | घटा | a cloud-bank |
| अति | अत्यंत | very |
| कारी | काली | dark |
2 मंदोदरी श्रवन ताटंका। सोइ प्रभु जनु दामिनी दमंका।।
English explanation
Lord, it is Mandodari’s earrings that appear to flash like lightning.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदोदरी | मंदोदरी के, रावण की पत्नी के | of Mandodari, Ravana’s wife |
| श्रवन | कानों के | of the ears |
| ताटंका | कुंडल | earrings |
| सोइ | वही कुंडल | those very earrings |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| जनु | मानो | as though |
| दामिनी | बिजली | lightning |
| दमंका | चमक रही है | is flashing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 784
- सहायक विषय
- श्रीरामजीके बाणसे रावणके मुकुट-छत्रादिका गिरना
- मुद्रित पृष्ठ
- 784, 784
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।