लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चितइ सबन्हि पर कीन्हि दाया। बोले मृदुल बचन रघुराया।।
मूल पाठ
चितइ सबन्हि पर कीन्हि दाया। बोले मृदुल बचन रघुराया।।
तुम्हरें बल मैं रावनु मार् यो। तिलक बिभीषन कहँ पुनि सार् यो।।
स्रोत अभिलेख 6.118 · पुस्तक पृ. 898, 899
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरघुनाथजीने कृपादृष्टिसे देखकर सबपर दया की। फिर वे कोमल वचन बोले—हे भाइयो! तुम्हारे ही बलसे मैंने रावणको मारा और फिर विभीषणका राजतिलक किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 898 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चितइ सबन्हि पर कीन्हि दाया। बोले मृदुल बचन रघुराया।।
English explanation
Looking at them all, Rama showed them compassion and spoke gentle words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चितइ | देखकर | looking |
| सबन्हि | सब पर | all of them |
| पर | पर | upon |
| कीन्हि | की | showed |
| दाया | दया | compassion |
| बोले | बोले | spoke |
| मृदुल | कोमल | gentle |
| बचन | वचन | words |
| रघुराया | रघुकुल के राजा श्रीराम | Rama, king of Raghu’s lineage |
2 तुम्हरें बल मैं रावनु मार् यो। तिलक बिभीषन कहँ पुनि सार् यो।।
English explanation
Through your strength I slew Ravana and then carried out Vibhishana’s coronation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्हरें | तुम्हारे | your |
| बल | बल से | through strength |
| मैं | मैंने | I |
| रावनु | रावण को | Ravana, king of Lanka |
| मार् | मारा—क्रिया का मुख्य अंश | slew—verb stem |
| यो | भूतकाल का क्रिया-अंत | past-tense verb ending |
| तिलक | राज्याभिषेक | coronation |
| बिभीषन | विभीषण, रावण के भाई | Vibhishana, Ravana’s brother |
| कहँ | के लिए | for |
| पुनि | फिर | then |
| सार् | संपन्न किया—क्रिया का मुख्य अंश | carried out—verb stem |
| यो | भूतकाल का क्रिया-अंत | past-tense verb ending |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.118
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 898
- सहायक विषय
- विभीषणका वस्त्राभूषण बरसाना और वानर-भालुओंका उन्हें पहनना
- मुद्रित पृष्ठ
- 898, 899
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