लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चलेउ निसाचर कटकु अपारा। चतुरंगिनी अनी बहु धारा।।
मूल पाठ
चलेउ निसाचर कटकु अपारा। चतुरंगिनी अनी बहु धारा।।
बिबिध भाँति बाहन रथ जाना। बिपुल बरन पताक ध्वज नाना।।
स्रोत अभिलेख 6.79 · पुस्तक पृ. 849, 850
भावार्थ
मूल पाठ के बादराक्षसोंकी अपार सेना चली। चतुरंगिणी सेनाकी बहुत-सी टुकडिय़ाँ हैं। अनेकों प्रकारके वाहन, रथ और सवारियाँ हैं तथा बहुत-से रंगोंकी अनेकों पताकाएँ और ध्वजाएँ हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 849 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चलेउ निसाचर कटकु अपारा। चतुरंगिनी अनी बहु धारा।।
English explanation
AI draft: The immense demon army set out, its fourfold forces moving in many columns.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलेउ | चल पड़ा | set out |
| निसाचर | राक्षसों का | of the demons |
| कटकु | सेना-दल | army |
| अपारा | असीम विशाल | immense |
| चतुरंगिनी | पैदल, घोड़े, हाथी और रथों वाली | comprising infantry, cavalry, elephants, and chariots |
| अनी | सेना | army |
| बहु | अनेक | many |
| धारा | पंक्तियाँ या प्रवाह | columns or streams |
2 बिबिध भाँति बाहन रथ जाना। बिपुल बरन पताक ध्वज नाना।।
English explanation
There were many kinds of mounts, chariots, and conveyances, with numerous pennants and banners of varied colors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबिध | विविध | various |
| भाँति | प्रकार के | kinds of |
| बाहन | वाहन या सवारी के पशु | vehicles or mounts |
| रथ | रथ | chariots |
| जाना | यान या सवारियाँ | conveyances |
| बिपुल | बहुत-से | numerous |
| बरन | रंगों के | of colors |
| पताक | पताकाएँ | pennants |
| ध्वज | ध्वज | banners |
| नाना | नाना प्रकार के | of many varieties |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.79
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 849
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 849, 850
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।