लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चली तमीचर अनी अपारा। बहु गज रथ पदाति असवारा।।
मूल पाठ
चली तमीचर अनी अपारा। बहु गज रथ पदाति असवारा।।
प्रभु सन्मुख धाए खल कैंसें। सलभ समूह अनल कहँ जैंसें।।
स्रोत अभिलेख 6.86 · पुस्तक पृ. 857, 858
भावार्थ
मूल पाठ के बादनिशाचरोंकी अपार सेना चली। उसमें बहुत-से हाथी, रथ, घुड़सवार और पैदल हैं। वे दुष्ट प्रभुके सामने कैसे दौड़े, जैसे पतंगोंके समूह अग्रिकी ओर [जलनेके लिये] दौड़ते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 858 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चली तमीचर अनी अपारा। बहु गज रथ पदाति असवारा।।
English explanation
The immense demon army set out, with many elephants, chariots, foot soldiers, and horsemen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चली | चल पड़ी | set out |
| तमीचर | राक्षसों की | of the demons |
| अनी | सेना | army |
| अपारा | अपार | immense |
| बहु | बहुत से | many |
| गज | हाथी | elephants |
| रथ | रथ | chariots |
| पदाति | पैदल सैनिक | foot soldiers |
| असवारा | घुड़सवार | horsemen |
2 प्रभु सन्मुख धाए खल कैंसें। सलभ समूह अनल कहँ जैंसें।।
English explanation
The wicked rushed toward Lord Rama like swarms of moths rushing toward fire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| सन्मुख | की ओर | toward |
| धाए | दौड़े | rushed |
| खल | दुष्ट | the wicked |
| कैंसें | किस प्रकार—ऐसे | in what manner—thus |
| सलभ | पतंगे | moths |
| समूह | झुंड | swarms |
| अनल | आग | fire |
| कहँ | की ओर | toward |
| जैंसें | जैसे | just as |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.86
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 858
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 857, 858
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।