लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गगनोपरि हरि गुन गन गाए। रुचिर बीररस प्रभु मन भाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआकाशके ऊपरसे उन्होंने श्रीहरिके सुन्दर वीररसयुक्त गुणसमूहका गान किया, जो प्रभुके मनको बहुत ही भाया। मुनि यह कहकर चले गये कि अब दुष्ट रावणको शीघ्र मारिये। [उस समय] श्रीरामचन्द्रजी रणभूमिमें आकर [अत्यन्त] सुशोभित हुए॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 840 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गगनोपरि हरि गुन गन गाए। रुचिर बीररस प्रभु मन भाए।।
बेगि हतहु खल कहि मुनि गए। राम समर महि सोभत भए।।
स्रोत अभिलेख 6.71 · पुस्तक पृ. 839, 840
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गगनोपरि हरि गुन गन गाए। रुचिर बीररस प्रभु मन भाए।।
English explanation
In the sky, Narada sang of the many virtues of Rama, Hari. Those beautiful songs imbued with heroic sentiment delighted the Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गगनोपरि | ऊपर आकाश में | up in the sky |
| हरि | हरि अर्थात राम के | of Hari, here Rama |
| गुन | गुण | virtues |
| गन | समूह; अनेक | multitude; many |
| गाए | गाए | sang |
| रुचिर | सुंदर; मनोहर | beautiful; charming |
| बीररस | वीरता के काव्य-रस से युक्त | imbued with heroic sentiment |
| प्रभु | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| मन | मन को | to the heart |
| भाए | अच्छे लगे | were pleasing |
2 बेगि हतहु खल कहि मुनि गए। राम समर महि सोभत भए।।
English explanation
Saying, ‘Slay the wicked one quickly,’ the sage Narada departed. Rama shone resplendently on the battlefield.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| हतहु | मारिए | slay |
| खल | दुष्ट को | the wicked one |
| कहि | कहकर | having said |
| मुनि | मुनि नारद | the sage Narada |
| गए | चले गए | departed |
| राम | श्रीराम | Rama, the Lord |
| समर | युद्ध; रणभूमि | battle; battlefield |
| महि | में | in; on |
| सोभत | शोभायमान | resplendent |
| भए | हुए | became; appeared |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.71
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 840
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 839, 840
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।