लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गए जानि अंगद हनुमाना। फिरे भालु मर्कट भट नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअङ्गद और हनुमान्को गये जानकर सभी भालू और वानर वीर लौट पड़े। राक्षसोंने प्रदोष (सायं) कालका बल पाकर रावणकी दुहाई देते हुए वानरोंपर धावा किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 817 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गए जानि अंगद हनुमाना। फिरे भालु मर्कट भट नाना।।
जातुधान प्रदोष बल पाई। धाए करि दससीस दोहाई।।
स्रोत अभिलेख 6.46 · पुस्तक पृ. 816, 817
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गए जानि अंगद हनुमाना। फिरे भालु मर्कट भट नाना।।
English explanation
Knowing that Angada and Hanuman had gone, many bear and monkey warriors turned back.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गए | चले गए | had gone |
| जानि | जानकर | knowing |
| अंगद | वानरवीर अंगद | Angada, the monkey warrior |
| हनुमाना | वानरवीर हनुमान | Hanuman, the monkey warrior |
| फिरे | लौट पड़े | turned back |
| भालु | भालू | bears |
| मर्कट | वानर | monkeys |
| भट | योद्धा | warriors |
| नाना | अनेक | many |
2 जातुधान प्रदोष बल पाई। धाए करि दससीस दोहाई।।
English explanation
Gaining strength at dusk, the demons charged, invoking Ravana’s name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जातुधान | राक्षस | demons |
| प्रदोष | संध्याकाल से | from dusk |
| बल | बल | strength |
| पाई | पाकर | having gained |
| धाए | दौड़ पड़े | charged |
| करि | देकर | uttering |
| दससीस | दस सिरों वाले रावण की | of ten-headed Ravana |
| दोहाई | दुहाई; नाम की पुकार | an invoking battle cry |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.46
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 817
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 816, 817
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।