लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोपि कपिन्ह दुर्घट गढ़ु घेरा। नगर कोलाहलु भयउ घनेरा।।
मूल पाठ
कोपि कपिन्ह दुर्घट गढ़ु घेरा। नगर कोलाहलु भयउ घनेरा।।
बिबिधायुध धर निसिचर धाए। गढ़ ते पर्बत सिखर ढहाए।।
स्रोत अभिलेख 6.49 · पुस्तक पृ. 819, 820
भावार्थ
मूल पाठ के बादवानरोंने क्रोध करके दुर्गम किलेको घेर लिया। नगरमें बहुत ही कोलाहल (शोर) मच गया। राक्षस बहुत तरहके अस्त्र-शस्त्र धारण करके दौड़े और उन्होंने किलेपरसे पहाड़ोंके शिखर ढहाये॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 820 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोपि कपिन्ह दुर्घट गढ़ु घेरा। नगर कोलाहलु भयउ घनेरा।।
English explanation
The enraged monkeys surrounded the formidable fortress. A great uproar arose in the city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोपि | क्रोधित होकर | having become enraged |
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| दुर्घट | दुर्गम; कठिनाई से जीता जाने वाला | formidable; hard to capture |
| गढ़ु | किला | fortress |
| घेरा | घेर लिया | surrounded |
| नगर | नगर में | in the city |
| कोलाहलु | कोलाहल; शोर | uproar; clamor |
| भयउ | हो गया | arose |
| घनेरा | बहुत भारी | very great; intense |
2 बिबिधायुध धर निसिचर धाए। गढ़ ते पर्बत सिखर ढहाए।।
English explanation
The demons rushed forth bearing various weapons and hurled mountain peaks down from the fortress.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबिधायुध | विविध हथियार | various weapons |
| धर | धारण करके | bearing; holding |
| निसिचर | राक्षस | demons |
| धाए | दौड़े; धावा किया | rushed; charged |
| गढ़ | किले | the fortress |
| ते | से | from |
| पर्बत | पर्वतों के | of mountains |
| सिखर | शिखर | peaks |
| ढहाए | नीचे गिराए | hurled down |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.49
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 820
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 819, 820
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