लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोट कँगूरन्हि सोहहिं कैसे। मेरु के सृंगनि जनु घन बैसे।।
मूल पाठ
कोट कँगूरन्हि सोहहिं कैसे। मेरु के सृंगनि जनु घन बैसे।।
बाजहिं ढोल निसान जुझाऊ। सुनि धुनि होइ भटन्हि मन चाऊ।।
स्रोत अभिलेख 6.41 · पुस्तक पृ. 812, 812
भावार्थ
मूल पाठ के बादवे परकोटेके कँगूरोंपर कैसे शोभित हो रहे हैं, मानो सुमेरुके शिखरोंपर बादल बैठे हों। जुझाऊ ढोल और डंके आदि बज रहे हैं, [जिनकी] ध्वनि सुनकर योद्धाओंके मनमें [लडऩेका] चाव होता है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 812 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कोट कँगूरन्हि सोहहिं कैसे। मेरु के सृंगनि जनु घन बैसे।।
English explanation
AI draft: They look splendid upon the fort’s battlements, as though clouds were resting on Mount Meru’s peaks.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोट | किला | fort |
| कँगूरन्हि | कँगूरों पर | on the battlements |
| सोहहिं | शोभित होते हैं | look splendid |
| कैसे | किस तरह; ऐसे | how; in this manner |
| मेरु | मेरु पर्वत | Mount Meru |
| के | के | of |
| सृंगनि | शिखरों पर | on the peaks |
| जनु | मानो | as though |
| घन | बादल | clouds |
| बैसे | बैठे हों | were resting |
2 बाजहिं ढोल निसान जुझाऊ। सुनि धुनि होइ भटन्हि मन चाऊ।।
English explanation
War drums and kettledrums sound; hearing them fills the warriors’ hearts with eagerness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाजहिं | बजते हैं | sound |
| ढोल | ढोल | drums |
| निसान | नगाड़े | kettledrums |
| जुझाऊ | युद्ध में बजने वाले | used in battle |
| सुनि | सुनकर | hearing |
| धुनि | ध्वनि | the sound |
| होइ | होता है | arises |
| भटन्हि | योद्धाओं के | of the warriors |
| मन | मन में | in the hearts |
| चाऊ | उत्साह | eagerness |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 812
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 812, 812
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