लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोउ कह जब बिधि रति मुख कीन्हा। सार भाग ससि कर हरि लीन्हा।।
मूल पाठ
कोउ कह जब बिधि रति मुख कीन्हा। सार भाग ससि कर हरि लीन्हा।।
छिद्र सो प्रगट इंदु उर माहीं। तेहि मग देखिअ नभ परिछाहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.12 · पुस्तक पृ. 782, 783
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोई कहता है—जब ब्रह्माने [कामदेवकी स्त्री] रतिका मुख बनाया, तब उसने चन्द्रमाका सार भाग निकाल लिया [जिससे रतिका मुख तो परम सुन्दर बन गया, परन्तु चन्द्रमाके हृदयमें छेद हो गया]। वही छेद चन्द्रमाके हृदयमें वर्तमान है, जिसकी राहसे आकाशकी काली छाया उसमें दिखायी पड़ती है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 783 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कोउ कह जब बिधि रति मुख कीन्हा। सार भाग ससि कर हरि लीन्हा।।
English explanation
Someone says: When Brahma fashioned Rati's face, he took away the finest portion of the moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोउ | कोई | someone |
| कह | कहता है | says |
| जब | जब | when |
| बिधि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, wife of the god of love |
| मुख | चेहरा | face |
| कीन्हा | बनाया | fashioned |
| सार | सर्वोत्तम | finest |
| भाग | अंश | portion |
| ससि | चंद्रमा | the moon |
| कर | का | of |
| हरि | हरकर | taking away |
| लीन्हा | ले लिया | took |
2 छिद्र सो प्रगट इंदु उर माहीं। तेहि मग देखिअ नभ परिछाहीं।।
English explanation
That opening is visible in the moon's heart; through it, the shadow of the sky can be seen.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छिद्र | छेद | opening |
| सो | वही | that same |
| प्रगट | दिखाई देता है | is visible |
| इंदु | चंद्रमा के | of the moon |
| उर | हृदय | heart |
| माहीं | में | in |
| तेहि | उस | that |
| मग | मार्ग से | through the passage |
| देखिअ | दिखाई देती है | is seen |
| नभ | आकाश की | of the sky |
| परिछाहीं | छाया | shadow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 783
- सहायक विषय
- सुबेलपर श्रीरामजीकी झाँकी और चन्द्रोदयवर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 782, 783
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