लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुंभकरन कपि फौज बिडारी। सुनि धाई रजनीचर धारी।।
मूल पाठ
कुंभकरन कपि फौज बिडारी। सुनि धाई रजनीचर धारी।।
देखि राम बिकल कटकाई। रिपु अनीक नाना बिधि आई।।
स्रोत अभिलेख 6.67 · पुस्तक पृ. 836, 837
भावार्थ
मूल पाठ के बादकुम्भकर्णने वानर-सेनाको तितर-बितर कर दिया। यह सुनकर राक्षस-सेना भी दौड़ी। श्रीरामचन्द्रजीने देखा कि अपनी सेना व्याकुल है और शत्रुकी नाना प्रकारकी सेना आ गयी है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 836 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कुंभकरन कपि फौज बिडारी। सुनि धाई रजनीचर धारी।।
English explanation
Kumbhakarna scattered the monkey army; hearing this, the ranks of demons rushed forward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुंभकरन | रावण का भाई कुंभकर्ण | Kumbhakarna, Ravana’s brother |
| कपि | वानरों की | of the monkeys |
| फौज | सेना | army |
| बिडारी | तितर-बितर कर दी | scattered; routed |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| धाई | दौड़ पड़ी | rushed forward |
| रजनीचर | राक्षसों की | of the demons |
| धारी | पंक्ति; सैन्य समूह | ranks; troop formation |
2 देखि राम बिकल कटकाई। रिपु अनीक नाना बिधि आई।।
English explanation
Rama saw his army in distress and the enemy forces advancing in various ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर; देखा | seeing; saw |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| बिकल | व्याकुल; संकटग्रस्त | distressed; overwhelmed |
| कटकाई | अपनी सेना | his army |
| रिपु | शत्रु की | of the enemy |
| अनीक | सेना | army; forces |
| नाना | अनेक | various |
| बिधि | रीतियों से | in ways |
| आई | आ गई; आगे बढ़ी | had come; advanced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.67
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 836
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 836, 837
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।