लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह दसकंठ कवन तैं बंदर। मैं रघुबीर दूत दसकंधर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावणने कहा—अरे बंदर! तू कौन है? [अंगदने कहा—] हे दशग्रीव! मैं श्रीरघुवीरका दूत हूँ। मेरे पितासे और तुमसे मित्रता थी। इसलिये हे भाई! मैं तुम्हारी भलाईके लिये ही आया हूँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 790 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कह दसकंठ कवन तैं बंदर। मैं रघुबीर दूत दसकंधर।।
मम जनकहि तोहि रही मिताई। तव हित कारन आयउँ भाई।।
स्रोत अभिलेख 6.2 · पुस्तक पृ. 790, 791
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह दसकंठ कवन तैं बंदर। मैं रघुबीर दूत दसकंधर।।
English explanation
AI-generated draft: Ravana said, “Who are you, monkey?” The reply was, “O Ravana, I am Rama’s messenger.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| दसकंठ | दस सिरों वाला रावण | ten-headed Ravana |
| कवन | कौन | who |
| तैं | तू | you |
| बंदर | हे वानर | O monkey |
| मैं | मैं | I |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर श्रीराम का | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| दूत | संदेशवाहक | messenger |
| दसकंधर | हे दस सिरों वाले रावण | O ten-headed Ravana |
2 मम जनकहि तोहि रही मिताई। तव हित कारन आयउँ भाई।।
English explanation
My father and you were friends. Brother, I have come for your welfare.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे | my |
| जनकहि | पिता से | with my father |
| तोहि | तुम्हारी | your |
| रही | रही थी | had existed |
| मिताई | मित्रता | friendship |
| तव | तुम्हारे | your |
| हित | कल्याण | welfare |
| कारन | के लिए | for the sake of |
| आयउँ | मैं आया हूँ | I have come |
| भाई | हे भाई | O brother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 790
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 790, 791
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।