लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। सिव बिरंचि पूजेहु बहु भाँती।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतुम्हारा उत्तम कुल है, पुलस्त्य ऋषिके तुम पौत्र हो। शिवजीकी और ब्रह्माजीकी तुमने बहुत प्रकारसे पूजा की है। उनसे वर पाये हैं और सब काम सिद्ध किये हैं। लोकपालों और सब राजाओंको तुमने जीत लिया है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 790 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। सिव बिरंचि पूजेहु बहु भाँती।।
बर पायहु कीन्हेहु सब काजा। जीतेहु लोकपाल सब राजा।।
स्रोत अभिलेख 6.2 · पुस्तक पृ. 790, 791
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 उत्तम कुल पुलस्ति कर नाती। सिव बिरंचि पूजेहु बहु भाँती।।
English explanation
You belong to a noble lineage and are the grandson of sage Pulastya; you have worshipped Shiva and Brahma in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उत्तम | श्रेष्ठ | noble |
| कुल | वंश | lineage |
| पुलस्ति | ऋषि पुलस्त्य | sage Pulastya |
| कर | के | of |
| नाती | पौत्र | grandson |
| सिव | भगवान शिव | Shiva |
| बिरंचि | ब्रह्मा | Brahma |
| पूजेहु | तुमने पूजा की | you worshipped |
| बहु | अनेक | many |
| भाँती | प्रकार से | in ways |
2 बर पायहु कीन्हेहु सब काजा। जीतेहु लोकपाल सब राजा।।
English explanation
You obtained boons, accomplished all your undertakings, and conquered the guardians of the worlds and all kings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बर | वरदान | boons |
| पायहु | तुमने प्राप्त किए | you obtained |
| कीन्हेहु | तुमने पूरे किए | you accomplished |
| सब | सभी | all |
| काजा | कार्य | undertakings |
| जीतेहु | तुमने जीत लिया | you conquered |
| लोकपाल | लोकों के रक्षक देवता | divine guardians of the worlds |
| सब | सभी | all |
| राजा | राजाओं को | kings |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 790
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 790, 791
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।