लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहि दुर्बचन क्रुद्ध दसकंधर। कुलिस समान लाग छाँड़ै सर।।
मूल पाठ
कहि दुर्बचन क्रुद्ध दसकंधर। कुलिस समान लाग छाँड़ै सर।।
नानाकार सिलीमुख धाए। दिसि अरु बिदिस गगन महि छाए।।
स्रोत अभिलेख 6.91 · पुस्तक पृ. 864, 864
भावार्थ
मूल पाठ के बाददुर्वचन कहकर रावण क्रुद्ध होकर वज्रके समान बाण छोडऩे लगा। अनेकों आकारके बाण दौड़े और दिशा, विदिशा तथा आकाश और पृथ्वीमें, सब जगह छा गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 864 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहि दुर्बचन क्रुद्ध दसकंधर। कुलिस समान लाग छाँड़ै सर।।
English explanation
After speaking harsh words, the enraged Ravana began shooting arrows like thunderbolts.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहकर | having said |
| दुर्बचन | कटु या अपमानजनक वचन | harsh or insulting words |
| क्रुद्ध | क्रोधित | enraged |
| दसकंधर | दस सिरों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| कुलिस | वज्र | thunderbolt |
| समान | के समान | like |
| लाग | लगा | began |
| छाँड़ै | छोड़ने | to shoot |
| सर | बाण | arrows |
2 नानाकार सिलीमुख धाए। दिसि अरु बिदिस गगन महि छाए।।
English explanation
Arrows of many shapes sped forth, filling the cardinal and intermediate directions, the sky, and the earth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नानाकार | अनेक आकारों के | of many shapes |
| सिलीमुख | बाण | arrows |
| धाए | वेग से चले | sped forth |
| दिसि | मुख्य दिशाएँ | cardinal directions |
| अरु | और | and |
| बिदिस | उपदिशाएँ | intermediate directions |
| गगन | आकाश | sky |
| महि | पृथ्वी | earth |
| छाए | छा गए | spread throughout |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 864
- सहायक विषय
- इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 864, 864
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