लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहिं सचिव सठ ठकुरसोहाती। नाथ न पूर आव एहि भाँती।।
मूल पाठ
कहहिं सचिव सठ ठकुरसोहाती। नाथ न पूर आव एहि भाँती।।
बारिधि नाघि एक कपि आवा। तासु चरित मन महुँ सबु गावा।।
स्रोत अभिलेख 6.9 · पुस्तक पृ. 780, 780
भावार्थ
मूल पाठ के बादये सभी मूर्ख (खुशामदी) मन्त्री ठकुरसुहाती (मुँहदेखी) कह रहे हैं। हे नाथ! इस प्रकारकी बातोंसे पूरा नहीं पड़ेगा। एक ही बंदर समुद्र लाँघकर आया था। उसका चरित्र सब लोग अब भी मन-ही-मन गाया करते हैं (स्मरण किया करते हैं)॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 780 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कहहिं सचिव सठ ठकुरसोहाती। नाथ न पूर आव एहि भाँती।।
English explanation
The foolish ministers speak only to please their master. Lord, matters will not be accomplished this way.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहते हैं | say |
| सचिव | मंत्री | ministers |
| सठ | मूर्ख | foolish |
| ठकुरसोहाती | स्वामी को सुहाने वाली चापलूसी | flattery pleasing to the master |
| नाथ | हे स्वामी | O lord |
| न | नहीं | not |
| पूर | पूरा होना; काम बनना | completion; accomplishment |
| आव | होता है | comes about |
| एहि | इस | this |
| भाँती | तरह | way |
2 बारिधि नाघि एक कपि आवा। तासु चरित मन महुँ सबु गावा।।
English explanation
A single monkey crossed the ocean and came here; recall all his deeds in your mind.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बारिधि | समुद्र | the ocean |
| नाघि | लाँघकर | having crossed |
| एक | एक | one |
| कपि | वानर, हनुमान | monkey, Hanuman |
| आवा | आया | came |
| तासु | उसके | his |
| चरित | कारनामे | deeds |
| मन | मन | mind |
| महुँ | में | in |
| सबु | सब | all |
| गावा | याद कर देखो; विचारो | recall; consider |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 780
- सहायक विषय
- रावणको मन्दोदरीका समझाना, रावण-प्रहस्त-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 780, 780
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।