लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कटकटान कपिकुंजर भारी। दुहु भुजदंड तमकि महि मारी।।
मूल पाठ
कटकटान कपिकुंजर भारी। दुहु भुजदंड तमकि महि मारी।।
डोलत धरनि सभासद खसे। चले भाजि भय मारुत ग्रसे।।
स्रोत अभिलेख 6.32 · पुस्तक पृ. 802, 803
भावार्थ
मूल पाठ के बादवानरश्रेष्ठ अंगद बहुत जोरसे कटकटाये (शब्द किया) और उन्होंने तमककर (जोरसे) अपने दोनों भुजदण्डोंको पृथ्वीपर दे मारा। पृथ्वी हिलने लगी, [जिससे बैठे हुए] सभासद् गिर पड़े और भयरूपी पवन (भूत) से ग्रस्त होकर भाग चले॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 802 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कटकटान कपिकुंजर भारी। दुहु भुजदंड तमकि महि मारी।।
English explanation
The mighty Angada, elephant-like among monkeys, gnashed his teeth and angrily struck the ground with both his powerful arms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कटकटान | दाँत कटकटाए | gnashed his teeth |
| कपिकुंजर | वानरों में गज-समान श्रेष्ठ अंगद | Angada, elephant-like among monkeys |
| भारी | महाबली | mighty |
| दुहु | दोनों | both |
| भुजदंड | दंड-समान भुजाएँ | staff-like powerful arms |
| तमकि | क्रोध में आवेशित होकर | in a burst of anger |
| महि | धरती पर | on the ground |
| मारी | दे मारीं | struck |
2 डोलत धरनि सभासद खसे। चले भाजि भय मारुत ग्रसे।।
English explanation
The earth shook; the courtiers fell and fled, engulfed by a gale of fear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| डोलत | डोलने लगी | began shaking |
| धरनि | धरती | the earth |
| सभासद | सभा के सदस्य | courtiers |
| खसे | गिर पड़े | fell |
| चले | चल पड़े | went off |
| भाजि | भागकर | fleeing |
| भय | भय | fear |
| मारुत | आँधी, पवन | gale, wind |
| ग्रसे | ग्रस्त, घिरे हुए | engulfed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 802
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 802, 803
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।