लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कंत समुझि मन तजहु कुमतिही। सोह न समर तुम्हहि रघुपतिही।।
मूल पाठ
कंत समुझि मन तजहु कुमतिही। सोह न समर तुम्हहि रघुपतिही।।
रामानुज लघु रेख खचाई। सोउ नहिं नाघेहु असि मनुसाई।।
स्रोत अभिलेख 6.36 · पुस्तक पृ. 807, 808
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे कान्त! मनमें समझकर (विचारकर) कुबुद्धिको छोड़ दो। आपसे और श्रीरघुनाथजीसे युद्ध शोभा नहीं देता। उनके छोटे भाईने एक जरा-सी रेखा खींच दी थी, उसे भी आप नहीं लाँघ सके, ऐसा तो आपका पुरुषत्व है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 807 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कंत समुझि मन तजहु कुमतिही। सोह न समर तुम्हहि रघुपतिही।।
English explanation
AI draft: Dear husband, reflect and abandon your misguided thinking. It does not befit you to wage war against Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंत | हे प्रिय पति | dear husband |
| समुझि | समझकर | having reflected |
| मन | मन में | in your mind |
| तजहु | छोड़ दो | abandon |
| कुमतिही | बुरी बुद्धि को | misguided thinking |
| सोह | शोभा देता है | befits |
| न | नहीं | not |
| समर | युद्ध | war |
| तुम्हहि | तुम्हें | you |
| रघुपतिही | रघुनाथ राम से | against Rama, lord of Raghu’s line |
2 रामानुज लघु रेख खचाई। सोउ नहिं नाघेहु असि मनुसाई।।
English explanation
Rama’s younger brother drew a little line; you could not cross even that—such is your prowess!
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामानुज | राम के छोटे भाई लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| लघु | छोटी-सी | small |
| रेख | रेखा | line |
| खचाई | खींची | drew |
| सोउ | उसे भी | even that |
| नहिं | नहीं | not |
| नाघेहु | तुम लाँघ सके | you could cross |
| असि | ऐसी | such |
| मनुसाई | वीरता | prowess |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 807
- सहायक विषय
- रावणको पुन: मन्दोदरीका समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 807, 808
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।