लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहीं बीच निसाचर अनी। कसमसात आई अति घनी।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइसी बीचमें निशाचरोंकी अत्यन्त घनी सेना कसमसाती हुई (आपसमें टकराती हुई) आयी। उसे देखकर वानर योद्धा इस प्रकार [उसके] सामने चले जैसे प्रलयकालके बादलोंके समूह हों॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 859 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एहीं बीच निसाचर अनी। कसमसात आई अति घनी।
देखि चले सन्मुख कपि भट्टा। प्रलयकाल के जनु घन घट्टा।।
स्रोत अभिलेख 6.87 · पुस्तक पृ. 859, 859
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एहीं बीच निसाचर अनी। कसमसात आई अति घनी।
English explanation
AI draft: Meanwhile, a very dense army of demons came surging forward.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहीं | इसी | this very |
| बीच | बीच; समय में | in the meantime |
| निसाचर | राक्षसों की | of the demons |
| अनी | सेना | army |
| कसमसात | उमड़ती, हलचल करती हुई | surging and stirring |
| आई | आ पहुँची | arrived |
| अति | अत्यंत | very |
| घनी | सघन; विशाल संख्या वाली | dense; numerous |
2 देखि चले सन्मुख कपि भट्टा। प्रलयकाल के जनु घन घट्टा।।
English explanation
Seeing it, the monkey warriors advanced to meet it, like masses of clouds at the world's dissolution.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| चले | बढ़ चले | advanced |
| सन्मुख | सामने; मुकाबले के लिए | forward to meet them |
| कपि | वानर | monkey |
| भट्टा | योद्धा | warriors |
| प्रलयकाल | प्रलय के समय | the time of cosmic dissolution |
| के | के | of |
| जनु | मानो | as though |
| घन | बादलों के | of clouds |
| घट्टा | घने समूह | dense masses |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 859
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 859, 859
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।