लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक एक सन मरमु न कहहीं। समुझि तासु बध चुप करि रहहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दएक-दूसरेको मर्म (असली बात) नहीं बतलाते, उस (रावणके पुत्र)का वध समझकर सब चुप मारकर रह जाते हैं। [रावण-पुत्रकी मृत्यु जानकर और राक्षसोंको भयके मारे भागते देखकर] नगरभरमें कोलाहल मच गया कि जिसने लङ्का जलायी थी, वही वानर फिर आ गया है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 789 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एक एक सन मरमु न कहहीं। समुझि तासु बध चुप करि रहहीं।।
भयउ कोलाहल नगर मझारी। आवा कपि लंका जेहीं जारी।।
स्रोत अभिलेख 6.18 · पुस्तक पृ. 788, 789
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एक एक सन मरमु न कहहीं। समुझि तासु बध चुप करि रहहीं।।
English explanation
They did not tell one another what had happened; realizing that Ravana’s son had been killed, they remained silent.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक व्यक्ति | one person |
| एक | दूसरे व्यक्ति | another person |
| सन | से | to |
| मरमु | घटना का भेद | the truth of the incident |
| न | नहीं | not |
| कहहीं | कहते थे | would tell |
| समुझि | समझकर | realizing |
| तासु | उस रावण-पुत्र का | of that son of Ravana |
| बध | वध | killing |
| चुप | चुप | silent |
| करि | होकर | becoming |
| रहहीं | रहते थे | remained |
2 भयउ कोलाहल नगर मझारी। आवा कपि लंका जेहीं जारी।।
English explanation
An uproar arose throughout the city: ‘The monkey who burned Lanka has come!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयउ | हो गया | arose |
| कोलाहल | शोर और हाहाकार | uproar |
| नगर | नगर के | of the city |
| मझारी | भीतर | within |
| आवा | आ गया | has come |
| कपि | वानर | the monkey |
| लंका | लंका नगरी | the city of Lanka |
| जेहीं | जिसने | who |
| जारी | जलाई थी | had burned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 789
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 788, 789
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।