लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उहाँ राम लछिमनहिं निहारी। बोले बचन मनुज अनुसारी।।
मूल पाठ
उहाँ राम लछिमनहिं निहारी। बोले बचन मनुज अनुसारी।।
अर्ध राति गइ कपि नहिं आयउ। राम उठाइ अनुज उर लायउ।।
स्रोत अभिलेख 6.61 · पुस्तक पृ. 829, 831
भावार्थ
मूल पाठ के बादवहाँ लक्ष्मणजीको देखकर श्रीरामजी साधारण मनुष्योंके अनुसार (समान) वचन बोले—आधी रात बीत चुकी, हनुमान् नहीं आये। यह कहकर श्रीरामजीने छोटे भाई लक्ष्मणजीको उठाकर हृदयसे लगा लिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 829 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 उहाँ राम लछिमनहिं निहारी। बोले बचन मनुज अनुसारी।।
English explanation
AI draft: There, Rama looked at Lakshmana and spoke as a human would.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उहाँ | उधर | there |
| राम | श्रीराम | Rama |
| लछिमनहिं | लक्ष्मण को | at Lakshmana, Rama’s younger brother |
| निहारी | देखकर | having looked |
| बोले | बोले | spoke |
| बचन | वचन | words |
| मनुज | मनुष्य | a human being |
| अनुसारी | के अनुरूप | in keeping with |
2 अर्ध राति गइ कपि नहिं आयउ। राम उठाइ अनुज उर लायउ।।
English explanation
Half the night had passed, but Hanuman had not returned. Rama lifted his younger brother and held him to his chest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अर्ध | आधी | half |
| राति | रात | the night |
| गइ | बीत गई | had passed |
| कपि | हनुमान | Hanuman, the monkey messenger |
| नहिं | नहीं | not |
| आयउ | आए | had come |
| राम | श्रीराम | Rama |
| उठाइ | उठाकर | lifting |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण को | his younger brother Lakshmana |
| उर | हृदय से | to his chest |
| लायउ | लगा लिया | held close |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.61
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 829
- सहायक विषय
- श्रीरामजीकी प्रलापलीला, हनुमान्जीका लौटना, लक्ष्मणजीका उठ बैठना
- मुद्रित पृष्ठ
- 829, 831
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।