लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उमा करत रघुपति नरलीला। खेलत गरुड़ जिमि अहिगन मीला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द(शिवजी कहते हैं—) हे उमा! श्रीरघुनाथजी वैसे ही नरलीला कर रहे हैं जैसे गरुड़ सर्पोंके समूहमें मिलकर खेलता हो। जो भौंहके इशारेमात्रसे (बिना परिश्रमके) कालको भी खा जाता है, उसे कहीं ऐसी लड़ाई शोभा देती है?॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 835 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
उमा करत रघुपति नरलीला। खेलत गरुड़ जिमि अहिगन मीला।।
भृकुटि भंग जो कालहि खाई। ताहि कि सोहइ ऐसि लराई।।
स्रोत अभिलेख 6.66 · पुस्तक पृ. 835, 836
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 उमा करत रघुपति नरलीला। खेलत गरुड़ जिमि अहिगन मीला।।
English explanation
O Uma, Rama is enacting a human role, as Garuda plays upon encountering a group of snakes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उमा | हे उमा, पार्वती | O Uma, Parvati |
| करत | कर रहे हैं | is performing |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| नरलीला | मनुष्य जैसी लीला | a human-like enactment |
| खेलत | खेलते हैं | plays |
| गरुड़ | पक्षिराज गरुड़ | Garuda, king of birds |
| जिमि | जैसे | just as |
| अहिगन | सर्पों का समूह | a group of snakes |
| मीला | मिला हुआ; सामने आया | encountered; met |
2 भृकुटि भंग जो कालहि खाई। ताहि कि सोहइ ऐसि लराई।।
English explanation
Does such a battle befit him who consumes even Death with a mere movement of his brow?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भृकुटि | भौंह | brow |
| भंग | टेढ़ापन; भौंह का सिकुड़ना | a contraction or frown |
| जो | जो | who |
| कालहि | काल को भी | even Death |
| खाई | खा जाते हैं; नष्ट करते हैं | consumes; destroys |
| ताहि | उन्हें, राम को | him, Rama |
| कि | क्या | does...? |
| सोहइ | शोभा देती है | befits |
| ऐसि | ऐसी | such |
| लराई | लड़ाई | a battle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.66
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 835
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 835, 836
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।