लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इंद्रजीत आदिक बलवाना। हरषि उठे जहँ तहँ भट नाना।।
मूल पाठ
इंद्रजीत आदिक बलवाना। हरषि उठे जहँ तहँ भट नाना।।
झपटहिं करि बल बिपुल उपाई। पद न टरइ बैठहिं सिरु नाई।।
स्रोत अभिलेख 6.34 · पुस्तक पृ. 804, 805
भावार्थ
मूल पाठ के बादइन्द्रजीत (मेघनाद) आदि अनेकों बलवान् योद्धा जहाँ-तहाँसे हर्षित होकर उठे। वे पूरे बलसे बहुत-से उपाय करके झपटते हैं। पर पैर टलता नहीं, तब सिर नीचा करके फिर अपने-अपने स्थानपर जा बैठ जाते हैं॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 805 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 इंद्रजीत आदिक बलवाना। हरषि उठे जहँ तहँ भट नाना।।
English explanation
Mighty warriors such as Indrajit, and many other fighters, rose eagerly from all around.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इंद्रजीत | रावण का पुत्र इंद्रजीत | Indrajit, Ravana's son |
| आदिक | आदि | and others |
| बलवाना | बलवान योद्धा | mighty warriors |
| हरषि | प्रसन्न होकर | joyfully |
| उठे | उठ खड़े हुए | rose |
| जहँ | जहाँ | here |
| तहँ | तहाँ | and there |
| भट | योद्धा | fighters |
| नाना | अनेक | many |
2 झपटहिं करि बल बिपुल उपाई। पद न टरइ बैठहिं सिरु नाई।।
English explanation
They rush at him, exerting their strength and trying many methods, but the foot does not move; they sit down with bowed heads.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| झपटहिं | झपटते हैं | rush at him |
| करि | लगाकर या करके | applying or employing |
| बल | बल | strength |
| बिपुल | अनेक | many |
| उपाई | उपाय | methods |
| पद | पैर | the foot |
| न | नहीं | not |
| टरइ | हिलता | moves |
| बैठहिं | बैठ जाते हैं | sit down |
| सिरु | सिर | their heads |
| नाई | झुकाकर | bowing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.34
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 805
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 804, 805
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।