लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आवत देखि सक्ति अति घोरा। प्रनतारति भंजन पन मोरा।।
मूल पाठ
आवत देखि सक्ति अति घोरा। प्रनतारति भंजन पन मोरा।।
तुरत बिभीषन पाछें मेला। सन्मुख राम सहेउ सोइ सेला।।
स्रोत अभिलेख 6.94 · पुस्तक पृ. 867, 868
भावार्थ
मूल पाठ के बादअत्यन्त भयानक शक्तिको आती देख और यह विचारकर कि मेरा प्रण शरणागतके दु:खका नाश करना है, श्रीरामजीने तुरंत ही विभीषणको पीछे कर लिया और सामने होकर वह शक्ति स्वयं सह ली॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 867 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 आवत देखि सक्ति अति घोरा। प्रनतारति भंजन पन मोरा।।
English explanation
Seeing the extremely fearsome spear approaching, Rama reflected: It is my vow to remove the suffering of those who seek refuge.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आते हुए | approaching |
| देखि | देखकर | having seen |
| सक्ति | शक्ति नामक भाला-अस्त्र | the shakti spear |
| अति | अत्यंत | extremely |
| घोरा | भयानक | fearsome |
| प्रनतारति | शरणागतों की पीड़ा | the suffering of those seeking refuge |
| भंजन | दूर करना | removing |
| पन | प्रण | vow |
| मोरा | मेरा | my |
2 तुरत बिभीषन पाछें मेला। सन्मुख राम सहेउ सोइ सेला।।
English explanation
Rama immediately moved Vibhishana behind him and, facing the weapon himself, bore the blow of that very spear.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुरत | तुरंत | immediately |
| बिभीषन | विभीषण को | Vibhishana, Ravana’s brother |
| पाछें | पीछे | behind |
| मेला | कर दिया | placed |
| सन्मुख | सामने होकर | facing it |
| राम | राम ने | Rama |
| सहेउ | सहा | bore |
| सोइ | उसी | that very |
| सेला | भाले का आघात | spear’s blow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 867
- सहायक विषय
- रावणका विभीषणपर शक्ति छोड़ना, रामजीका शक्तिको अपने ऊपर लेना, विभीषण-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 867, 868
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।