लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आजु बयरु सबु लेउँ निबाही। जौं रन भूप भाजि नहिं जाहीं।।
मूल पाठ
आजु बयरु सबु लेउँ निबाही। जौं रन भूप भाजि नहिं जाहीं।।
आजु करउँ खलु काल हवाले। परेहु कठिन रावन के पाले।।
स्रोत अभिलेख 6.9 · पुस्तक पृ. 862, 863
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे राजा! यदि तुम रणसे भाग न गये तो आज मैं [वह] सारा वैर निकाल लूँगा। आज मैं तुम्हें निश्चय ही कालके हवाले कर दूँगा। तुम कठिन रावणके पाले पड़े हो॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 863 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आजु बयरु सबु लेउँ निबाही। जौं रन भूप भाजि नहिं जाहीं।।
English explanation
O king, if you do not flee the battle, today I will settle every score.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजु | आज | today |
| बयरु | वैर का बदला | the score of enmity |
| सबु | सारा | all |
| लेउँ | मैं ले लूँगा | I will take |
| निबाही | पूरी तरह चुकाकर | settling completely |
| जौं | यदि | if |
| रन | युद्ध से | from battle |
| भूप | हे राजन | O king |
| भाजि | भागकर | fleeing |
| नहिं | नहीं | not |
| जाहीं | चले जाते | go away |
2 आजु करउँ खलु काल हवाले। परेहु कठिन रावन के पाले।।
English explanation
Wretch, today I will hand you over to death; you have fallen into the clutches of formidable Ravana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजु | आज | today |
| करउँ | मैं करूँगा | I will make |
| खलु | हे दुष्ट | O wretch |
| काल | मृत्यु के | to death |
| हवाले | सुपुर्द | handed over |
| परेहु | तुम पड़े हो | you have fallen |
| कठिन | कठोर और दुर्जेय | formidable |
| रावन | लंका के राजा रावण | Ravana, king of Lanka |
| के | के | of |
| पाले | वश या पकड़ में | into the clutches |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.9
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 863
- सहायक विषय
- इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 862, 863
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।