लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अरुन नयन बारिद तनु स्यामा। अखिल लोक लोचनाभिरामा।।
मूल पाठ
अरुन नयन बारिद तनु स्यामा। अखिल लोक लोचनाभिरामा।।
कटितट परिकर कस्यो निषंगा। कर कोदंड कठिन सारंगा।।
स्रोत अभिलेख 6.86 · पुस्तक पृ. 857, 858
भावार्थ
मूल पाठ के बादलाल नेत्र और मेघके समान श्याम शरीरवाले और सम्पूर्ण लोकोंके नेत्रोंको आनन्द देनेवाले हैं। प्रभुने कमरमें फेंटा तथा तरकस कस लिया और हाथमें कठोर शाङ्र्गधनुष ले लिया॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 858 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अरुन नयन बारिद तनु स्यामा। अखिल लोक लोचनाभिरामा।।
English explanation
His eyes are reddish and his body dark like a rain cloud; he delights the eyes of all the worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अरुन | लालिमायुक्त | reddish |
| नयन | नेत्र | eyes |
| बारिद | मेघ के समान | like a rain cloud |
| तनु | शरीर | body |
| स्यामा | श्यामवर्ण | dark-hued |
| अखिल | समस्त | all |
| लोक | लोकों के | of the worlds |
| लोचनाभिरामा | नेत्रों को आनंद देने वाले | delightful to the eyes |
2 कटितट परिकर कस्यो निषंगा। कर कोदंड कठिन सारंगा।।
English explanation
He secured his waist-belt and quiver at his waist; in his hand was the sturdy Saranga bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कटितट | कमर पर | at the waist |
| परिकर | कमरबंद | waist-belt |
| कस्यो | कस लिया | fastened tightly |
| निषंगा | तरकस | quiver |
| कर | हाथ में | in his hand |
| कोदंड | धनुष | bow |
| कठिन | दृढ़, कठोर | sturdy |
| सारंगा | सारंग नामक धनुष | the bow called Saranga |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.86
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 858
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 857, 858
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।