लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अधर लोभ जम दसन कराला। माया हास बाहु दिगपाला।।
मूल पाठ
अधर लोभ जम दसन कराला। माया हास बाहु दिगपाला।।
आनन अनल अंबुपति जीहा। उतपति पालन प्रलय समीहा।।
स्रोत अभिलेख 6.15 · पुस्तक पृ. 785, 786
भावार्थ
मूल पाठ के बादलोभ जिनका अधर (होठ) है, यमराज भयानक दाँत है। माया हँसी है, दिक्पाल भुजाएँ हैं। अग्रि मुख है, वरुण जीभ है। उत्पत्ति, पालन और प्रलय जिनकी चेष्टा (क्रिया) है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 786 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अधर लोभ जम दसन कराला। माया हास बाहु दिगपाला।।
English explanation
Greed is his lips, Yama his fearsome teeth, maya his laughter, and the guardians of the directions his arms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अधर | होंठ | lips |
| लोभ | लोभ | greed |
| जम | यम; मृत्यु के देवता | Yama, god of death |
| दसन | दाँत | teeth |
| कराला | विकराल | fearsome |
| माया | माया; जगत की मोहकारी शक्ति | maya, the world’s power of illusion |
| हास | हँसी | laughter |
| बाहु | भुजाएँ | arms |
| दिगपाला | दिशाओं के रक्षक देवता | divine guardians of the directions |
2 आनन अनल अंबुपति जीहा। उतपति पालन प्रलय समीहा।।
English explanation
Fire is his mouth and Varuna, lord of waters, his tongue; creation, preservation, and dissolution are his will.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आनन | मुख | mouth |
| अनल | अग्नि | fire |
| अंबुपति | जल के स्वामी वरुण | Varuna, lord of waters |
| जीहा | जीभ | tongue |
| उतपति | सृष्टि की उत्पत्ति | creation |
| पालन | पालन; संरक्षण | preservation |
| प्रलय | सृष्टि का लय | cosmic dissolution |
| समीहा | इच्छा; संकल्प | will; intention |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 786
- सहायक विषय
- मन्दोदरीका फिर रावणको समझाना और श्रीरामकी महिमा कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 785, 786
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